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मंगलवार, 1 जून 2010

बिखरे बाल

माँ के बिखरे बालों से धीरे-धीरे उन पर हावी हो रही
अशक्तता का आभास मिलता है
पत्नियों के बिखरे बाल
उनकी व्यस्तता को बयान करते हैं
और उनका आकर्षण बढ़ा देते हैं 
दुनिया,
बिखरे बालों वाली कुंवारी लड़कियों को
संदेह की नज़रों से देखती है 
मूर्तिभंजक बुद्धिजीवी संकेत के तौर पर अपने बाल बिखरे रखते हैं
बिखरे बालों वाले कलाकारों को पारंपरिक रूप से प्रयोगधर्मी
समझा जाता रहा है
वैज्ञानिकों के बिखरे बालों से किसी को ऐतराज नहीं होता
किशोरवय लड़के शौक से रखते हैं बिखरे बाल
बिखरे बाल इज्जतदार लोगों की बदहवासी का सबूत माने जाते हैं
किसी फूटपाथी बच्चे के बिखरे बालों से उसकी
आंतों की चुभन जाहिर होती है.

9 टिप्‍पणियां:

  1. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

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    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  2. अति सुन्दर, सटिक, एक दम दिल कि आवाज.
    कितनी बार सोचता हु कि इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है.
    अपनी ढेरों शुभकामनाओ के साथ
    शशि कान्त सिंह

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  3. आपके ब्लॉग की सबसे ससक्त रचना... नयी बात नए तरह से !

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  4. ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है. अनेक शुभकामनाएँ.

    विश्लेषण बहुत अच्छा लगा.

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  5. बहुत ही खूब लिखा है ....हर एक पंक्ति लाजवाब है ऐसे ही लिखते रहिये....

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  6. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

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  7. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  8. किसी फूटपाथी बच्चे के बिखरे बालों से उसकी
    आंतों की चुभन जाहिर होती है.

    बहुत संवेदनशील बात कही है ... यह विश्लेषण अच्छा लगा

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